
मौसम में हो रहे बदलाव और शीतलहर को देखते हुए मध्यप्रदेश किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग ने किसानों को सतर्क रहने और फसलों को सुरक्षित रखने की सलाह दी है। कोहरा, तुषार (पाला) और ठंड से सब्जी, चना, सरसों, टमाटर जैसी फसलें अधिक प्रभावित हो सकती हैं।
फसल बचाव के लिए जरूरी सुझाव :
- धुआं करें (Smoke/Fogging):
शाम के समय खेत की उत्तर-पश्चिम दिशा में कचरा, पुआल आदि जलाकर हल्का धुआं करें, इससे तापमान गिरने का असर कम होता है। - हल्की सिंचाई करें:
पाले की संभावना होने पर खेत में हल्की सिंचाई करें, इससे फसलों को ठंड से सुरक्षा मिलती है। - सल्फर का छिड़काव:
सल्फर 80% की मात्रा 500 ग्राम प्रति एकड़ की दर से छिड़काव करें, जिससे पाले का प्रभाव घटता है। - निंदाई-गुड़ाई जरूर करें:
खेत में मौजूद खरपतवार हटाएं, ताकि फसलों को पर्याप्त वायु और प्रकाश मिल सके। - संवेदनशील फसलों पर विशेष ध्यान दें:
सब्जी भाजी, चना, सरसों और टमाटर जैसी फसलों की नियमित निगरानी करें। - खुले खेतों में सुरक्षा बढ़ाएं:
मौसम की विपरीत दिशा से आने वाली ठंडी हवाओं से बचाव के लिए खेत की मेड़ मजबूत रखें।
इन उपायों को अपनाकर किसान भाई कोहरे और पाले से होने वाले नुकसान को काफी हद तक कम कर सकते हैं। मौसम पूर्वानुमान पर नजर रखें और समय रहते बचाव करें।




